Email Subscription

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

IIT स्टूडेंट्स के लिए खाना बनाते-बनाते सीखे कोडिंग के गुर और बन गए रसोईया से एक सफल डेवलपर

खूबसूरत वादियों का प्रान्त उत्तराखंड के एक छोटे से गांव मानपुर से एक तेरह साल का लड़का घर छोड़ भाग निकला था। वह सिर्फ एक ही जगह से परिचित था, वह थी मुम्बई और उसने भी वही जाने का निश्चय किया। अवसरों की धरती, वह शहर जो कभी नहीं सोता, वह शहर जो सपनों का शहर था और जिसके पास हर-एक को देने के लिए कुछ न कुछ ज़रूर था। इसी उम्मीद से इस लड़के ने भी अपना जीवन संवारने के लिए मुम्बई जाने का निश्चय किया।

बहुत कम शिक्षित होने की वजह से आकाश नौटियाल को बहुत सारे ओछे दर्ज़े वाले काम भी करने पड़े। उसने दुकानों में जा-जा कर एक सिगरेट कंपनी की मार्केटिंग की, लोकल पब में गिटार भी बजाया। जितना भी वह कमा लेता था वह पेट भरने के लिए तो पर्याप्त लेकिन बेहतर जिंदगी के लिए पर्याप्त नहीं था।                                                                             
                                                                                                                                                                 2014 में आकाश ने एक कॉल-सेंटर में काम किया और अपने उस लाइफ से खुश भी थे। पर वह लूट लिए गए; जितनी भी संपत्ति थी वह एक ही झटके में छिन गया। उनका सारा कैश, जो उन्होंने जमा किया था, पुस्तकें और उनका लैपटॉप भी चोर ले गया। घर का किराया देने के लिए भी उनके पास पैसे नहीं थे। और इसी वजह से उनके मकान मालिक ने उन्हें घर से निकाल दिया। अब उनके पास कोई रास्ता ही नहीं बचा था। भाग्य ने एक बार फिर से उन्हें पटखनी दी थी। इसी दौरान उन्हें एक अपार्टमेंट में कुछ लड़कों के लिए खाना बनाने का काम मिल गया।

उन्हें पता था कि यह उनकी यात्रा की शुरुआत है और यह उन्हें जीवन के लिए एक पूरी तरह से नया दृष्टिकोण देगी।जिनके यहाँ वह काम करते थे वह लड़के आईआईटी बॉम्बे के छात्र थे और वे दिन भर लैपटॉप से चिपके ही रहते थे। एक दिन आकाश ने उनसे पूछा कि आप लोग लैपटॉप पर क्या करते हैं। तब स्नेहिल बक्शी, जो हाउसिंग.कॉम के को-फाउंडर हैं, ने कहा कि “तुम जो फेसबुक और व्हाट्सएप्प यूज़ करते हो न, वैसे वेबसाइट्स, ऐप्स पर कोडिंग होती है।कम्प्यूटर पर सीखना पड़ता है इन कोड्स को एकजूट करने का काम। हम वो कोडिंग करते हैं।”

यह सुनकर आकाश को उत्सुकता हुई और धीरे-धीरे इन सब में रुची भी हो गई। फिर वह कोडिंग और प्रोग्रामिंग के बेसिक्स सीखने लगे। शुरुआती मदद उन्हें आईआईटी के लड़कों से मिल गई और बाक़ी उन्होंने ऑनलाइन कोर्स के द्वारा सीखा। आकाश बहुत जल्द ही इसमें निपुण हो गए। पन्द्रह महीने तक इन्होंने अपना अधिकतर समय नए मिले ज्ञान को बेहतर करने में लगाए।

आकाश सुबह खाना बनाते, फिर घर साफ करते और कुछ समय के लिए सो भी जाते लेकिन जैसे ही वे लड़के घर आते थे तो वह अपना कंप्यूटर लेकर कोडिंग करते थे। साल भर के भीतर ही इन्होंने फ्रंट-एन्ड, बैक-एन्ड और डेटाबेस हैंडलिंग सीख लिया था।

आकाश खाना बना कर महीने में महज आठ से दस हजार तक कमा लेते थे और अब अपने कोडिंग स्किल से 70,000 रूपये महीने के कमा लेते हैं। वर्तमान में वह मुम्बई-बेस्ड इम्पैक्ट रन में आईओएस डेवेलपर के रूप में काम कर रहे हैं।आकाश एक प्रेरक व्यक्तित्व है उन बच्चों के लिए जिन्हें जीवन में ज्यादा कुछ नहीं मिला है और वह अपने बेहतर भविष्य के लिए कुछ करना चाहते हैं
SHARE

Milan Tomic

Hi. I’m Designer of Blog Magic. I’m CEO/Founder of ThemeXpose. I’m Creative Art Director, Web Designer, UI/UX Designer, Interaction Designer, Industrial Designer, Web Developer, Business Enthusiast, StartUp Enthusiast, Speaker, Writer and Photographer. Inspired to make things looks better.

  • Image
  • Image
  • Image
  • Image
  • Image
    Blogger Comment
    Facebook Comment

0 comments:

Post a Comment